📢 सूचना: श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता समाप्त हो चुकी है!

🗓️ परिणाम की तारीख: 01 दिसंबर 2025

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अभ्युदय मध्यप्रदेश

विरासत भी ! विकास भी !

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अभ्युदय मध्यप्रदेश, विरासत भी विकास भी... के अंतर्गत मध्यप्रदेश के नागरिकों की प्रतिभा, नेतृत्व तथा सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष रूप से श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें गीता के श्लोकों के अध्ययन, मनन और व्यवहारिक अनुप्रयोग पर केंद्रित ऑनलाइन परीक्षाएँ ली जाएँगी।

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"श्रीमद्भगवद्गीता — जीवन का सार"

गीता का प्रत्येक श्लोक मानव जीवन के हर पक्ष में ज्ञान, कर्तव्य और आत्मबल का मार्ग दिखाता है।

📅 महत्वपूर्ण तिथियाँ: 📝 पंजीकरण: 7–28 नवम्बर | 🧭 परीक्षा: 16–28 नवम्बर

10,00,000+
अपेक्षित प्रतिभागी
18
अध्याय
70
पुरस्कार
गीता जयंती महोत्सव

गीता जयंती महोत्सव

गीता जयंती के अवसर पर रवींद्र भवन में 1 दिसंबर 2025 को 11000 नागरिकों की उपस्थिति में श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 15 के 20 श्लोकों का कण्ठस्थ पाठ किया जाएगा।

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श्रीमद्भगवद्गीता पाठ महाअभियान

माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के आह्वान पर प्रदेश के 313 विकासखंड (500-500 गीता भक्तों द्वारा), 55 जिला मुख्यालय (1100-1100 गीता भक्तों द्वारा) एवं 10 संभाग में (5100-5100 गीता भक्तों द्वारा) परंपरा के आचार्यों की सन्निधि में 3 लाख से अधिक गीताप्रेमी श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ करेंगे।

दशहरा मैदान, उज्जैन

प्रातः 9 बजे

इंदौर (गोपाल मंदिर, राजवाड़ा) सहित सभी जिला मुख्यालय, विकासखण्ड

प्रातः 11 बजे

रवींद्र भवन परिसर, भोपाल

दोपहर 1 बजे

श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक

जीवन में मार्गदर्शन प्रदान करने वाले श्लोक

माननीय मुख्यमंत्री जी

डॉ. मोहन यादव जी का संदेश
मुख्यमंत्री फोटो
डॉ. मोहन यादव जी, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर, मैं अपने राज्य के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई देता हूँ। आप मध्यप्रदेश की शक्ति और भविष्य हैं - आपकी ऊर्जा, नवाचार और समर्पण प्रगति और गौरव के एक नए युग का निर्माण करेंगे। आइए, हम सब मिलकर एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और जीवंत मध्यप्रदेश का निर्माण करें।

जय हिंद! जय मध्यप्रदेश!

माननीय संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री जी

श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी जी का संदेश

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के गौरवशाली अवसर पर, मैं अपने राज्य के जीवंत नागरिकों को हार्दिक बधाई देता हूँ। आप हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के पथप्रदर्शक और एक नए, आत्मविश्वासी और प्रगतिशील मध्यप्रदेश की प्रेरक शक्ति हैं। आइए, हम अपनी पहचान का गौरवपूर्वक जश्न मनाएँ और अपने राज्य को पूरे देश के लिए संस्कृति, पर्यटन और विकास का प्रतीक बनाने के लिए मिलकर काम करें।

जय हिंद! जय मध्यप्रदेश!

माननीय राज्य मंत्री फोटो
श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, राज्यमंत्री, मध्यप्रदेश

अपर मुख्य सचिव महोदय, संस्कृति विभाग

श्री शिवशेखर शुक्ला जी का संदेश
सचिव फोटो
श्री शिवशेखर शुक्ला, अपर मुख्य सचिव, संस्कृति विभाग

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर, मैं हमारे राज्य के सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और रचनात्मक भावना आपकी ऊर्जा, विचारों और उत्साह से पनपती है। मैं प्रत्येक नागरिक नागरिक से आग्रह करता हूं कि वे हमारी गौरवशाली विरासत से प्रेरणा लें और सांस्कृतिक रूप से जीवंत और प्रगतिशील मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान दें।

जय हिंद! जय मध्यप्रदेश!

संचालक महोदय, संस्कृति संचालनालय

श्री एन.पी. नामदेव जी का संदेश

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर, मैं अपने राज्य के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई देता हूँ। नागरिक एक प्रगतिशील समाज की नींव और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के सच्चे वाहक हैं। आइए, इस दिन को गर्व के साथ मनाएँ और एक सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण में अपनी रचनात्मकता, प्रतिबद्धता और ऊर्जा का योगदान देने का संकल्प लें।

जय हिंद! जय मध्यप्रदेश!

संचालक फोटो
श्री एन.पी. नामदेव, संचालक, संस्कृति संचालनालय

माननीय मुख्यमंत्री जी के संस्कृति सलाहकार

श्री श्रीराम तिवारी जी का संदेश
संस्कृति सलाहकार फोटो
श्री श्रीराम तिवारी, संस्कृति सलाहकार, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के 70वें अवसर पर मैं प्रदेश के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ। माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विरासत से विकास की ओर अग्रसर है। प्रदेश का प्रत्येक नागरिक राज्य को समृद्ध और विकसित बनाने के उद्देश्य से अपना महत्वपूर्ण योगदान देने का संकल्प ले।

जय हिंद! जय मध्यप्रदेश!

हमारे सहयोगी संगठन

गीता महोत्सव को सफल बनाने में इन संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान है

गीता परिवार
गीता परिवार

गीता परिवार एक आध्यात्मिक संगठन है जो श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने के लिए समर्पित है। संस्था गीता के शाश्वत संदेशों को आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत करके लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करती है। गीता परिवार नियमित सत्संग, गीता ज्ञान यज्ञ, युवा संवाद और आध्यात्मिक शिविरों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक गीता का संदेश पहुँचाता है।

"गीता ज्ञान - जीवन का आधार"

इस्कॉन
इस्कॉन

इस्कॉन (अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ) की स्थापना 1966 में ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद जी ने की थी। यह संगठन भगवान कृष्ण की भक्ति के प्रसार के लिए समर्पित है और विश्वभर में 600 से अधिक केंद्रों के माध्यम से कार्यरत है। इस्कॉन ने श्रीमद्भगवद्गीता जैसे प्राचीन ग्रंथों का 80 से अधिक भाषाओं में अनुवाद किया है और हरे कृष्ण महामंत्र के माध्यम से लाखों लोगों को आध्यात्मिक शांति प्रदान की है।

"सरल जीवन, उच्च विचार"

विश्वगीताप्रतिष्ठानम्
विश्वगीताप्रतिष्ठानम्

विश्वगीताप्रतिष्ठानम् एक गैर-लाभकारी संगठन है जो श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने के लिए समर्पित है। संस्था गीता के मूल्यों, नैतिक शिक्षाओं और आध्यात्मिक सिद्धांतों को शैक्षणिक संस्थानों, युवा मंचों और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से फैलाने का कार्य करती है। विश्वगीताप्रतिष्ठानम् शोध कार्य, सेमिनार, वर्कशॉप और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन करके गीता के ज्ञान को समकालीन संदर्भ में प्रस्तुत करता है।

"गीता ज्ञान - विश्व कल्याण का मार्ग"

कार्यक्रम और श्रेणियाँ

गीता जयंती महोत्सव - विभिन्न आयु समूहों के लिए प्रतियोगिताएँ

6-8 कक्षा

छोटे बच्चों के लिए श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता

9-12 कक्षा

बड़े बच्चों के लिए श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता

सामान्य श्रेणी

सभी आयु वर्ग के लिए श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता

दिव्यांग

सभी आयु वर्ग के लिए श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता

(नोट: इस श्रेणी के लिए प्रमाणपत्र आवश्यक है।)

महर्षि सांदीपनि आश्रम

उज्जैन स्थित वह पावन स्थल जहाँ भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा ने शिक्षा प्राप्त की

ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व

महर्षि सांदीपनि आश्रम उज्जैन में स्थित एक प्राचीन गुरुकुल है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण, उनके बड़े भाई बलराम और मित्र सुदामा ने शिक्षा प्राप्त की। इस आश्रम का वर्णन विभिन्न पुराणों और ऐतिहासिक ग्रंथों में मिलता है। महर्षि सांदीपनि ने यहाँ अपने शिष्यों को न केवल शास्त्रों का ज्ञान दिया, बल्कि धनुर्विद्या, राजनीति और नीतिशास्त्र की भी शिक्षा दी।

वैदिक शिक्षा
धनुर्विद्या
राजनीति शास्त्र
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आध्यात्मिक महत्व

यह स्थान भगवान कृष्ण की शिक्षा स्थली होने के कारण हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है।

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शिक्षा का केंद्र

प्राचीन काल में यह आश्रम विद्या का प्रमुख केंद्र था जहाँ विभिन्न विषयों की शिक्षा दी जाती थी।

डॉ. मोहन यादव
डॉ. मोहन यादव जी

माननीय मुख्यमंत्री
मध्यप्रदेश

संस्कृति संचालनालय

अभ्युदय मध्यप्रदेश के अनमोल पल

श्री धर्मेंन्द्र सिंह लोधी

माननीय राज्य मंत्री
मध्यप्रदेश

श्री धर्मेंन्द्र सिंह लोधी
अभ्युदय मध्यप्रदेश
विरासत भी ! विकास भी !

यह गैलरी अभ्युदय मध्यप्रदेश के विभिन्न कार्यक्रमों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतिभागियों के उत्साह को दर्शाती है। यहां आप महोत्सव के विभिन्न पहलुओं को देख सकते हैं।

प्रतिभागी
पुरस्कार
कार्यक्रम
गैलरी

अभ्युदय मध्यप्रदेश

विरासत भी ! विकास भी !

मध्यप्रदेश के नागरिकों की प्रतिभा, नेतृत्व तथा सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करना

गीता जयंती महोत्सव

1 दिसंबर 2025 को रवींद्र भवन में 11,000 युवाओं के साथ श्रीमद्भगवद्गीता का कंठस्थ पाठ।

पुरस्कार वितरण

1 दिसंबर 2025, गीता भवन, इंदौर में गीता जयंती महोत्सव के अंतर्गत पुरस्कार वितरण समारोह।

संपर्क जानकारी

help.mpsthapanautsav@gmail.com

+91 9599332084
+91 9599332093
(सुबह 9 से शाम 6)

संस्कृति विभाग, भोपाल

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